COVID-19🦠😷 Ma Ya Kya Huwa 😳 #islamicvideo #islamicscholar
कोविड के दिनों में कितनी लोगों को फिक्र थी इलाज की तो एक डॉक्टर एक आए डॉक्टर और हकीम थ्री पीस सूट इंग्लिश इंग्लिश ठिशफिश लोग इस स्टाइल से इतना मुतासिर होते हैं मैं भी हो गया मुतासिर उन्होंने बताया कि एक लेसन एक मशहूर टीवी चैनल है उसमें उनकी पडकास्ट चल रही थी तो उन्होंने बताया कोविड में एक्चुअली ऐसा होता है और ये एसओपी और ये एतियातों की तो बिल्कुल जरूरत नहीं है तो मैंने क्या किया मैंने वो उसका पढ़ा एक लसन फिर लसन फिर इंग्लिश इंग्लिश लसन में ये होता है कि वो एक्चुअली जाके करता है फिर उसमें वगैरह वगैरह मुझे तो वो जाहिर है वो थे ना और वो अमेरिका से उन्होंने हिकमत पढ़ी थी यानी हकीम बने कहां से खुराकों पे उनकी रिसर्च है इतना ही काफी होते हैं देसी लोगों के लिए अमेरिका से भाई अदरक के बारे में रिपोर्ट कहां से पड़ी है अमेरिका से अदरक अदरक ही है चाहे अमेरिका में पढ़ के आओ इतनी बड़ी फायदेमंद चीज है अदरक मैं ये नहीं कह रहा लेकिन इतना बड़ी रॉकेट साइंस नहीं है भाई अमेरिका से मैं पड़ा हूं और ये फिश करके ना उन्होंने पूरी एक अदरक फिर उन्होंने कहा पूरी दुनिया में कॉन्फ्रेंस होती है हर साल अदरक के बारे में रिपोर्ट पेश की जाती है और गार्लिक और अदरक और ये सब चीजें वगैरह वगैरह करके अरे भाई मैंने कहा बंदा है यार मैंने पूरा मजमून लिखा बैठ के मैंने कहा पब्लिक के फायदे के लिए है ना मैं फ्री में इसको आम करूंगा मैंने उसकी रिपोर्ट पूरी लिखी उसका खुलासा लिखा उसने जो उसके लहसुन और अदरक के कावे के फजाइल सुनाए वो मैंने रिपोर्टें लिखी लिखी और वो जो उसकी इंग्लिश टर्म्स थी वो लिखी पूरा करके पीडीएफ में रिसाला बनाया। हजरत मुफ्ती ब्रिगेडियर तारिक मसूद साहब काम क्या कर रहे हैं? अदरक के फज़ाइल और लहसुन के फज़ाइल पे रिपोर्ट लिख रहे हैं और डॉक्टर के नाम के साथ ना पता नहीं शुक्र है अल्लाह ने मुझ पे बहुत बड़ा फजलल किया। मैंने दो तीन डॉक्टरों को मैंने कहा पहले एक दफा भेज दो और हकीम और कुछ डॉक्टर जो मेरे जानने वाले थे। एक बड़े डॉक्टर हैं। बड़ी रिसर्च है उनकी। उन्होंने कहा ये कहा किसने है? साहब। मैंने फिर उस डॉक्टर का नाम बताए। साहब यह बहुत बड़ा बेवकूफ है। इत्तेफाक से उसके क्लास फेलो निकले। उन्होंने कहा यह पढ़ता नहीं था। या क्लास फेलो निकले या उनका कोई दोस्त क्लास फेलो निकला। फिर उसकी पूरी रिपोर्ट उन्होंने कहा इससे इस अदरक की रिपोर्ट से पहले ना इस डॉक्टर की रिपोर्ट तैयार करने की जरूरत थी। ये पढ़ता नहीं था। बिल्कुल तो फिर अमेरिका चला गया। तो वहां कोई छ सात महीने का इसने छोटा-मोटा कोर्स कर लिया। तो एक छाप लग गई कि अमेरिका से पढ़ के आया है। अमेरिका में भी बड़ी-बड़ी फिल्में पड़ी हुई है। ये नहीं कि जो अमेरिका से आ गया तो पता नहीं क्या है वो। उसके कोई यहां पूछ नहीं रहा होता। उसका तो इधर मंजन बिकता है। फिर उन्होंने मुझे पूरी तफसील बताई। मैंने कहा शुक्र है यार अल्लाह ने बचा लिया मुझे। मैं तो पूरा इसको फैलाने वाला था दुनिया
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